Digital India Data Support – Digital India Data Support में हर छात्र को मिलेगा ₹500 का Internet Recharge हर महीने – जानिए पूरी जानकारीआज के समय में शिक्षा का एक बड़ा हिस्सा ऑनलाइन हो चुका है, और छात्रों के लिए इंटरनेट अब किताबों जितना ही जरूरी बन गया है। ऐसे में जब परिवारों की आर्थिक स्थिति कमजोर हो और पढ़ाई के लिए स्मार्टफोन या लैपटॉप होने के बावजूद डाटा रिचार्ज का खर्च न उठा पाएं, तो छात्रों की पढ़ाई पर सीधा असर पड़ता है। इस परेशानी को समझते हुए भारत सरकार ने ‘Digital India Data Support’ नाम की एक नई योजना शुरू की है, जिसके तहत देश के हर योग्य छात्र को हर महीने ₹500 का मुफ्त इंटरनेट रिचार्ज दिया जाएगा। यह योजना डिजिटल भारत के सपने को आगे बढ़ाने के साथ-साथ छात्रों को तकनीकी रूप से मजबूत बनाने का एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
योजना का उद्देश्य और शुरुआत
इस योजना की शुरुआत अगस्त 2025 से की जा रही है और इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को डिजिटल शिक्षा में पीछे न छूटने देना है।
- योजना का नाम: Digital India Data Support Scheme
- शुरुआत: अगस्त 2025
- लाभार्थी: स्कूल और कॉलेज के छात्र
- लाभ: हर महीने ₹500 का इंटरनेट रिचार्ज
- उद्देश्य: डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देना
कौन-कौन छात्र योजना के पात्र होंगे?
हर छात्र इस योजना का लाभ नहीं उठा सकता, इसके लिए सरकार ने कुछ पात्रता मानक तय किए हैं:
- छात्र किसी भी सरकारी या सरकारी मान्यता प्राप्त संस्थान में पढ़ रहा हो
- परिवार की मासिक आय ₹2 लाख से कम हो
- छात्र के पास स्वयं का या परिवार का मोबाइल नंबर हो
- पिछले 6 महीने में छात्र की उपस्थिति 75% से अधिक हो
- छात्र का बैंक खाता आधार से जुड़ा होना चाहिए
योजना के लाभ कैसे मिलेंगे – जानें पूरा प्रोसेस
सरकार ने इस योजना को आसान और पारदर्शी बनाने के लिए सीधा DBT (Direct Benefit Transfer) सिस्टम अपनाया है।
| प्रक्रिया का चरण | विवरण |
|---|---|
| 1. आवेदन शुरू | 10 अगस्त 2025 से |
| 2. आवेदन माध्यम | ऑनलाइन पोर्टल (DigiEdu.gov.in) |
| 3. आवश्यक दस्तावेज | पहचान पत्र, आय प्रमाण पत्र, छात्र का प्रमाण पत्र |
| 4. वेरिफिकेशन प्रक्रिया | स्कूल से पुष्टि और आधार नंबर से KYC |
| 5. भुगतान प्रक्रिया | सीधे छात्र के बैंक खाते में ₹500 ट्रांसफर |
| 6. भुगतान की आवृत्ति | हर महीने की 10 तारीख तक |
| 7. मोबाइल ऑपरेटर | सभी प्रमुख नेटवर्क जैसे Jio, Airtel, VI |
किन राज्यों से शुरुआत होगी योजना की?
सरकार इस योजना को चरणबद्ध तरीके से लागू करेगी ताकि मॉनिटरिंग सही हो सके:
- पहले चरण में – बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़
- दूसरे चरण में – महाराष्ट्र, पंजाब, हरियाणा, ओडिशा, झारखंड
- तीसरे चरण में – शेष भारत के राज्य और केंद्र शासित प्रदेश
इस योजना से कैसे बदलेगी छात्रों की ज़िंदगी?
बहुत से छात्रों के लिए डेटा रिचार्ज कराना एक चुनौती होती है, जिससे वो ऑनलाइन क्लास या स्टडी मटेरियल से दूर हो जाते हैं। इस योजना से:
- ऑनलाइन पढ़ाई का बोझ कम होगा
- छात्र समय पर क्लास से जुड़ पाएंगे
- डिजिटल स्किल्स बेहतर होंगी
- छात्रों का आत्मविश्वास बढ़ेगा
एक सच्ची कहानी – शिवानी की प्रेरक यात्रा
शिवानी कक्षा 11 की छात्रा है और उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले की रहने वाली है। उसके पिता एक मजदूर हैं और महीने में ₹9000 कमाते हैं। लॉकडाउन के दौरान स्कूल बंद हो गया और ऑनलाइन पढ़ाई शुरू हो गई, लेकिन ₹300 के रिचार्ज का खर्च उठाना मुश्किल था। कई बार उसने पढ़ाई छोड़ने तक का सोच लिया। लेकिन अब इस योजना की मदद से हर महीने उसका डेटा रिचार्ज हो रहा है और वह रोज समय से ऑनलाइन क्लास अटेंड कर रही है। वह अब IAS बनने का सपना देख रही है।
योजना के लिए आवेदन कैसे करें?
योजना का लाभ उठाने के लिए छात्रों को खुद या अपने स्कूल के माध्यम से आवेदन करना होगा।
- आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं: www.DigiEdu.gov.in
- “Digital Data Recharge Scheme” पर क्लिक करें
- मोबाइल नंबर और आधार नंबर से रजिस्ट्रेशन करें
- दस्तावेज़ अपलोड करें – आय प्रमाण पत्र, छात्र प्रमाण पत्र, पहचान पत्र
- स्कूल से वेरिफिकेशन होने के बाद DBT स्वीकृति मिलेगी
- हर महीने ₹500 छात्र के खाते में आ जाएगा
आवश्यक दस्तावेजों की सूची
| दस्तावेज का नाम | विवरण |
|---|---|
| पहचान पत्र | आधार कार्ड या स्कूल ID |
| आय प्रमाण पत्र | तहसील स्तर से प्राप्त |
| छात्र प्रमाण पत्र | स्कूल/कॉलेज द्वारा जारी |
| बैंक पासबुक की कॉपी | खाते की पुष्टि के लिए |
| मोबाइल नंबर | सक्रिय सिम अनिवार्य |
क्या इस योजना का लाभ सभी मोबाइल नेटवर्क पर मिलेगा?
हाँ, सरकार ने Jio, Airtel, VI जैसे प्रमुख मोबाइल नेटवर्क ऑपरेटर से समझौता किया है जिससे छात्र किसी भी नेटवर्क का उपयोग कर सकते हैं। रिचार्ज राशि सीधा छात्र के बैंक खाते में जाएगी, जिससे छात्र अपनी सुविधा अनुसार रिचार्ज कर सके।
योजना से जुड़ी कुछ सावधानियाँ
- अगर कोई फर्जी दस्तावेज़ देता है तो उसका लाभ रद्द कर दिया जाएगा
- हर महीने मोबाइल नंबर का सक्रिय रहना जरूरी है
- योजना का लाभ सिर्फ एक मोबाइल नंबर और एक छात्र को मिलेगा
- स्कूल उपस्थिति कम होने पर लाभ रुक सकता है
मेरा अनुभव – जब डाटा नहीं था
मैं खुद एक छोटे गांव से आता हूं और जब कॉलेज की शुरुआत हुई, तो मुझे ऑनलाइन क्लास के लिए टॉप-अप करवाना मुश्किल लगता था। घर में केवल एक ही फोन था और डेटा खत्म होते ही मन निराश हो जाता था। अगर तब ऐसी योजना होती, तो शायद मेरी तैयारी और बेहतर हो पाती। आज जब मैं इस योजना के बारे में सुनता हूं, तो लगता है कि अब हमारे देश के बच्चे सही मायनों में Digital India का हिस्सा बन पाएंगे।Digital India Data Support Scheme ना सिर्फ छात्रों को आर्थिक राहत देती है, बल्कि उन्हें तकनीक से जोड़कर भविष्य के लिए तैयार भी करती है। ₹500 हर महीने छोटा कदम लग सकता है, लेकिन लाखों छात्रों के लिए यह नई उम्मीद लेकर आया है। हर उस छात्र को, जो अब तक डेटा की कमी से पढ़ाई नहीं कर पा रहा था, अब उसके सपनों को नए पंख मिलेंगे।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न 1: क्या यह योजना सिर्फ सरकारी स्कूल के छात्रों के लिए है?
उत्तर: नहीं, यह योजना सरकारी और सरकारी मान्यता प्राप्त प्राइवेट स्कूल और कॉलेज दोनों के छात्रों के लिए है।
प्रश्न 2: क्या ₹500 का रिचार्ज खुद किया जाएगा या सीधे डाटा मिलेगा?
उत्तर: ₹500 की राशि सीधे बैंक खाते में आएगी, छात्र अपनी सुविधा से खुद रिचार्ज कर सकेंगे।
प्रश्न 3: अगर छात्र का मोबाइल नंबर बंद हो गया हो तो?
उत्तर: सक्रिय मोबाइल नंबर योजना का आवश्यक हिस्सा है, नया नंबर अपडेट करना जरूरी होगा।
प्रश्न 4: क्या यह योजना 12वीं पास कर चुके छात्रों के लिए भी है?
उत्तर: नहीं, यह योजना केवल वर्तमान में पढ़ रहे छात्रों के लिए है।
प्रश्न 5: आवेदन कब से शुरू हो रहे हैं?
उत्तर: योजना के लिए आवेदन 10 अगस्त 2025 से शुरू होंगे।


