Electric Car (इलेक्ट्रिक गाड़ी) : आज के समय में जब पेट्रोल और डीजल की कीमतें आसमान छू रही हैं, तो अधिकतर लोग इलेक्ट्रिक गाड़ियों की ओर रुख कर रहे हैं। सरकार भी इस ओर बढ़ावा दे रही है और बाजार में एक से बढ़कर एक इलेक्ट्रिक कार और स्कूटर उपलब्ध हैं। लेकिन जहां एक ओर लोग इलेक्ट्रिक व्हीकल्स को भविष्य मान रहे हैं, वहीं दूसरी ओर इसी बढ़ती मांग का फायदा उठाकर कुछ फ्रॉड लोग स्कैम कर रहे हैं। आज हम इसी नए इलेक्ट्रिक व्हीकल स्कैम के बारे में बात करेंगे जो आम आदमी की मेहनत की कमाई को निशाना बना रहा है।
Electric Car में बढ़ता स्कैम – असली कहानी क्या है?
- कई फर्जी वेबसाइट्स और सोशल मीडिया पेज आजकल भारी डिस्काउंट और सब्सिडी का लालच देकर लोगों से पैसे ऐंठ रहे हैं।
- ये स्कैमर नकली इलेक्ट्रिक वाहन कंपनियों का नाम लेकर ग्राहकों को विश्वास में लेते हैं।
- जैसे ही आप बुकिंग अमाउंट या एडवांस पेमेंट करते हैं, ये लोग गायब हो जाते हैं।
- कई मामलों में तो लोगों को फर्जी इनवॉइस, डमी ट्रैकिंग नंबर और नकली हेल्पलाइन नंबर भी दिए जाते हैं।
इलेक्ट्रिक गाड़ी : स्कैम कैसे होता है? – पूरा प्रोसेस जानिए
- Step 1: सोशल मीडिया या Google Ads पर विज्ञापन दिखाया जाता है जैसे – “₹25,000 में इलेक्ट्रिक स्कूटर! Hurry!”
- Step 2: लिंक पर क्लिक करते ही आपको एक प्रोफेशनल दिखने वाली वेबसाइट पर ले जाया जाता है।
- Step 3: वेबसाइट पर गाड़ी के फीचर्स, ऑफर और EMI विकल्प इतने आकर्षक होते हैं कि कोई भी झांसे में आ जाए।
- Step 4: एडवांस पेमेंट मांगा जाता है बुकिंग के नाम पर – ₹5000, ₹10,000 या ₹25,000 तक।
- Step 5: पेमेंट होते ही ना कोई रिसीट, ना ही कस्टमर केयर जवाब देता है – और वेबसाइट भी कुछ दिनों में बंद हो जाती है।
असली घटना – दिल्ली के एक शख्स की आपबीती
राजीव नाम के एक व्यक्ति ने हाल ही में ₹15,000 देकर एक स्कूटर बुक किया था। वेबसाइट पर हर जानकारी उपलब्ध थी – कंपनी का लोगो, RTO नंबर, पंजीकरण विकल्प, EMI योजना और 5 साल की बैटरी वारंटी। लेकिन बुकिंग के बाद उन्हें कोई जवाब नहीं मिला। न फोन उठाया गया, न ईमेल का उत्तर। बाद में पता चला कि वेबसाइट ही फर्जी थी। रिपोर्ट करने तक बहुत देर हो चुकी थी।
ऐसे स्कैम से कैसे बचें? – अपनाएं ये उपाय
- किसी भी ऑफर पर तुरंत विश्वास न करें, चाहे कितना भी आकर्षक क्यों न हो।
- कंपनी का RTO नंबर और CIN नंबर MCA (Ministry of Corporate Affairs) की वेबसाइट पर चेक करें।
- नकली वेबसाइटों की पहचान के लिए URL ध्यान से देखें – अक्सर ये “.in”, “.net”, या अजीब सबडोमेन होते हैं।
- सोशल मीडिया विज्ञापन देखकर बुकिंग से पहले ब्रांड के आधिकारिक पेज पर जाएं और पुष्टि करें।
- कोई भी पेमेंट करने से पहले ग्राहक रिव्यू देखें, YouTube पर उस ब्रांड या मॉडल के असली वीडियो देखें।
- अगर आपको संदिग्ध लगे तो NCH (National Consumer Helpline) पर शिकायत करें।
नीचे दिए गए टेबल से समझिए असली और नकली डील में क्या फर्क होता है:
| तुलना का बिंदु | असली कंपनी | फर्जी कंपनी |
|---|---|---|
| वेबसाइट की जानकारी | SSL secured, Govt. Reg. No. | No SSL, गलत डोमेन नाम |
| कस्टमर सपोर्ट | 24×7, जवाबदेही | कॉल उठाया नहीं जाता, सिर्फ WhatsApp |
| पेमेंट का माध्यम | Razorpay, UPI verified gateway | Google Pay, PhonePe personal UPI ID |
| डिलीवरी की स्थिति | Proper tracking number, invoice | न tracking मिलता, न ही डिलीवरी |
| सोशल मीडिया पहचान | Verified pages, YouTube reviews | नए पेज, ज़्यादा followers नहीं |
| गाड़ी की कीमत | मार्केट के हिसाब से | बहुत कम, अविश्वसनीय |
| EMI विकल्प | बैंक से जुड़ा, KYC मांगता है | बिना डॉक्यूमेंट सीधे EMI ऑफर |
मेरी व्यक्तिगत सलाह – अनुभव से सीखें
मेरे खुद के एक रिश्तेदार ने ऐसी ही एक स्कीम में ₹10,000 गवां दिए थे। उन्होंने सिर्फ गूगल एड देखकर बुकिंग कर दी और जब गाड़ी नहीं आई तो उन्हें एहसास हुआ कि फ्रॉड हो चुका है। इसलिए मैंने खुद रिसर्च करना शुरू किया और जाना कि RTO रजिस्ट्रेशन से लेकर EMI तक कैसे असली ब्रांड्स काम करते हैं। असली कंपनी कभी भी सिर्फ व्हाट्सएप पर डील नहीं करती।
अगर इलेक्ट्रिक गाड़ी खरीदनी है तो इन बातों का रखें ध्यान:
- Authorized Dealers से ही खरीदें।
- गाड़ी की टेस्ट ड्राइव लें और शोरूम विजिट जरूर करें।
- कंपनी की वेबसाइट पर VIN नंबर चेक करें।
- सभी दस्तावेज – वारंटी कार्ड, पॉलिसी पेपर्स – फिजिकली लें।
- गूगल रिव्यू और ट्विटर, क्वोरा जैसी साइट्स पर लोगों के अनुभव जरूर पढ़ें।
इलेक्ट्रिक गाड़ी लेना आज के समय में एक समझदारी भरा कदम है लेकिन अगर आप सावधानी नहीं बरतते तो यही कदम आपके लिए मुसीबत बन सकता है। स्कैमर्स आजकल हाईटेक तरीके से लोगों को निशाना बना रहे हैं। इसलिए अगली बार कोई ऑफर दिखे तो तुरंत पेमेंट करने से पहले जांच-पड़ताल जरूर करें।





